asaduddin owaisi2 1602154713

हमारा सवाल: लालू-नीतीश में सबसे बड़ा सेक्युलर कौन? ओवैसी का जवाब: हम कोई सेक्युलरिज्म की दुकान थोड़े ही चला रहे हैं

[ad_1]

  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bihar Election 2020; Asaduddin Owaisi Interview To Dainik Bhaskar | AIMIM Party Chief Speaks On Lalu Prasad Yadav, Nitish Kumar And JDU BJP Alliance

पटना6 घंटे पहलेलेखक: बृजम पांडेय

असदुद्दीन ओवैसी पटना के एक होटल में राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।

  • असदुद्दीन ओवैसी ने भास्कर से इंटरव्यू में कहा- लालू और नीतीश की नजर में सबसे बड़ा सांप्रदायिक मैं हूं
  • ओवैसी बोले- पटना देश का सबसे गंदा शहर क्यों, यहां सांस के मरीज ज्यादा क्यों हैं, इनका जवाब दे बिहार की एनडीए सरकार

एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी गुरुवार को पटना में थे। उनकी पार्टी रालोसपा के साथ चुनाव लड़ रही है। ओवैसी ने भास्कर के साथ बातचीत में लालू यादव और नीतीश दोनों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को भी नहीं छोड़ा। ओवैसी ने कहा कि नीतीश के भाजपा के साथ दोबारा जाने के लिए राजद और कांग्रेस बराबर जिम्मेदार हैं।

लालू और नीतीश में कौन बड़ा सेक्युलर है? इस सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा- हम सेक्युलरिज्म की दुकान नहीं चला रहे हैं। हम कोई नोटरी की दुकान नहीं हैं कि हर एक को स्टैंप मारकर दे दें। मगर इन दोनों की नजर में सबसे बड़े सांप्रदायिक तो हम ही हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश को एनआरसी पर अपनी दोगली नीति के लिए जनता को इस चुनाव में जवाब देना होगा।

इस चुनाव में आपका गठबंधन, कितना रंग लाएगा?
ओवैसी:
मुझे विश्वास है कि बिहार की गरीब जनता मुझे अपना आशीर्वाद देगी। अच्छा नतीजा आएगा, ऐसा मुझे यकीन है। इस गठबंधन के उम्मीदवार कामयाब होंगे।

लालू यादव ने 30 साल पहले खुद को मुस्लिमों का सबसे बड़ा रहनुमा बताया, एमवाय समीकरण बनाया, इसमें आप अपने आप को कहां पाते हैं?
ओवैसी:
मैं अल्लाह से दुआ करता हूं कि वे लालू प्रसाद यादव को जल्द दुरुस्त करें। मुझे पता चला है कि वे बीमार हैं। पांच साल पहले गठबंधन के नाम पर वोट लिया गया था कि बीजेपी को रोकना है। आज नीतीश कुमार बीजेपी के साथ हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? क्या इसके लिए राजद जिम्मेदार नहीं है? क्या इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार नहीं है? क्या इसके जिम्मेदार नीतीश कुमार नहीं हैं?

तब तो बड़ी-बड़ी बातें कही गई थीं। यही खुद इनकी बहुत बड़ी नाकामी है। बिहार की जनता से यह कहकर वोट लिया था कि हम बीजेपी को रोकेंगे, आप नहीं रोक पाए। लोकसभा का चुनाव हुआ तो राजद सभी सीट पर हार गया। हम तो एक ही सीट पर लड़े किशनगंज से और वहां से बीजेपी नहीं जीती। हमारे बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तर इमाम को तीन लाख वोट मिले। अगर वह चुनाव नहीं लड़ते तो वहां भी बीजेपी जीत जाती। हर मामले में ये लोग नाकाम साबित हो रहे हैं।

नीतीश ने राम मंदिर पर कभी कुछ नहीं बोला, जबकि राम मंदिर सबसे बड़ा मुद्दा रहा?
ओवैसी:
देखिए, नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है। एक बात बताइए, मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट ने पटना को सबसे गंदा शहर कहा है और यहां पर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के 30 प्रतिशत मरीज अस्पताल में जाते हैं। नीतीश कुमार को इन सवालों के जवाब देने होंगे। नीतीश कुमार को यह भी बताना पड़ेगा कि एनपीआर और एनआरसी पर इनकी दोगली पॉलिसी क्यों थी? बहुत सी बातें हैं, जो आगे सामने आएंगी।

आपने किशनगंज विधानसभा की सीट जीती, क्या आपके उस विधायक ने आपके लिए रोल मॉडल का काम किया?
ओवैसी: यह बात गलत है। भाई, अभी तो छह महीने भी नहीं हुए हैं। छह महीने में आप बोलेंगे कि ताजमहल बना दो तो यह संभव नहीं है। हालांकि, उसने ताजमहल बनाने की बुनियाद रख दी है। इंशा अल्लाह ताजमहल बनेगा।

किशनगंज में ह्यूमन ट्रैफिकिंग की समस्या है, इसके लिए क्या करने वाले हैं?
ओवैसी: यह बाल मजदूरी का मामला है। यह सीमांचल का बहुत बैकवर्ड एरिया है। जब तक सीमांचल की जनता के पास एक स्वतंत्र नेतृत्व नहीं होगा, जो बेबाक होकर न कांग्रेस से डरे, न राजद से। बल्कि, सीमांचल की आवाज बनकर बोले तभी यह समस्या हल होगी।

[ad_2]
Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *